हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , यौमुल्लाह 22 बहमन के मौक़े पर जारी किए गए मराजे़-ए-तक़लीद में से हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शीराज़ी के पैग़ाम कुछ इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
22 बहमन, इस्लामी इंक़िलाब की तारीख़ का एक मुबारक और दायमी दिन है, जो ज़ुल्म और इस्तिबदाद के मुक़ाबले में ईरान की मोमिन और इंक़िलाबी क़ौम की डटकर खड़े रहने की याद दिलाता है।
इस दिन जो हमारी इज़्ज़त, इस्तिक़लाल और वहदत की अलामत है, ईरान की शरीफ़ क़ौम बसीरत और होशियारी के साथ, मुल्क की इज़्ज़त और इक़तिदार के लिए, 22 बहमन की राह-पैमाई में वसीअ पैमाने पर शिरकत करके इमाम-ए-राहिल और इंक़िलाब के आरमानों से अपनी वफ़ादारी का इज़हार करती है।
मैं इस मुबारक दिन की आमद पर ईरान की अज़ीज़ क़ौम को तहनीअत पेश करता हूँ और तमाम अफ़राद से तवक़्क़ो रखता हूँ कि वे इसे एक इबादत समझकर इस प्रोग्राम में शिरकत करें।
मैं ख़ुदावंद-ए-मुतआल से जम्हूरी-ए-इस्लामी-ए-ईरान की इज़्ज़त और सरफ़राज़ी की दुआ करता हूँ।
वस्सलामु
नासिर मकारिम शीराज़ी
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